Benefits of positive thinking

सकारात्मक सोच से होते हैं जबरदस्त फायदे-Benefits of positive thinking

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सकारात्मक सोच से होते हैं जबरदस्त फायदे-Benefits of positive thinking

दोस्तों ! कोई भी इंसान आज जहां पर भी है, उसका क्या कारण है? उसका कारण सिर्फ और सिर्फ उसके विचार या उसकी सोच है. अगर कोई सकारात्मक सोच (Positive thinking) रखता है तो वो ऊँचाइयों के शिखर पर पहुंच जाता है. वहीं दूसरी ओर नकारात्मक सोच रखने वाला इन्सान बहुत पीछे रह जाता है. ये किसी भी इंसान पर निर्भर करता है कि उसे ज़िन्दगी में क्या चाहिये ? नकारात्मक सोच जहाँ इंसान को पीछे धकेल देती है, वहीं सकारात्मक सोच किसी भी इंसान को बुलंदियों पर पहुंचा देती है. इसलिए दोस्तों ! अगर आप भी अपने जीवन में कामयाब होना चाहते हैं तो आपको अपनी थिंकिंग को पॉजिटिव बनाना होगा. तो चलिये आज की इस पोस्ट में हम जानेंगें कि सकारात्मक सोच से क्या फायदे हैं यानि What are benefits of positive thinking ? साथ ही हम ये भी जानेंगे कि हम अपनी थिंकिंग को पॉजिटिव कैसे बना सकते हैं?

Benefits of positive thinking
Benefits of positive thinking

अपनी सोच को सकारात्मक कैसे बनायें (How to make positive thinking ) ?

दोस्तों ! नकारात्मक सोच (Negative thinking) को सकारात्मक सोच (Positive thinking) में बदलना कोई एक दिन का काम नहीं है. अगर ऐसा होता तो कोई भी अपनी नेगेटिव थिंकिंग को आसानी से दूर करके स्वयं की थिंकिंग को पूरी तरह से हमेशा के लिए पॉजिटिव बना लेता. दोस्तों ! इसमें टाइम लगता है. इसके लिए आपको लगातार अपनी नकारात्मक सोच को हटाते हुए लगातार सकारात्मक  सोचते रहना होगा. शुरू-शुरू में हो सकता है की आपको थोड़ी परेशानी भी आये, लेकिन कुछ टाइम बाद आप महसूस करेंगे कि आपमें  सकारात्मक सोच (Positive thinking) आ रही है और आपकी नकारात्मक सोच (Negative thinking) दूर होती जा रही है.

कोई भी गिलास किसी भी चीज से आधा भरा हुआ है. नेगेटिविटी रखने वाले को यही लगेगा कि गिलास आधा खाली है. दूसरी ओर जो हर चीज में पाजिटिविटी रखता है, उसे आधा गिलास भरा हुआ दिखाई देगा. इसलिए हमें अगर अपनी सोच को पॉजिटिव बनाना है, तो हमें गिलास आधा भरा हुआ है – वाली सोच को अपने अंदर डेवलप करना होगा. बहुत जल्दी हमें दुनिया की हर चीज में सकारात्मकता (Positiveness) नज़र आने लगेगी.

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सकारात्मक सोच और नकारात्मक सोच के बेस्ट उदाहरण (Best examples of  Positive thinking and Negative thinking)

सकारात्मक सोच और नकारात्मक सोच का एक बेस्ट और ज़बरदस्त उदाहरण में आपको देती हूँ. एक बार एक आदमी बहुत दुखी था, क्योंकि उसके एक पैर का जूता खो गया था. उसने थोड़ी दूर आगे जाने पर देखा कि एक आदमी जिसके दोनों पैर ही नहीं थे – वो खुश था. जूते खोने वाले आदमी को बड़ा आश्चर्य हुआ. उसने बिना पैर वाले आदमी से उसकी खुशी का कारण पूछा. तो उसने जो रहस्य बताया -उससे अच्छा कोई example नहीं हो सकता. उसने कहा ” मैं दुःखी क्यों रहूँ ? क्या इसलिए कि मेरे पैर नहीं हैं ? लेकिन मेरे दो हाथ तो हैं, मेरी आंखें तो सही-सलामत हैं, मैं बोल और सुन तो सकता हूँ. भगवान की मुझ पर इतनी कृपा तो है, तो फिर में दुःखी क्यों रहूँ ?” दोस्तों ! ये होता है-ज़िन्दगी को देखने का नज़रिया !

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सकारात्मक सोच से होते हैं जबरदस्त फायदे (Benefits of positive thinking) और नकारात्मक सोच से होते हैं ज़बरदस्त नुकसान (Losses of negative thinking)

पॉजिटिव और नेगेटिव थिंकिंग का एक और ज़बरदस्त example में आपको देती हूँ- एक बार दो दोस्त नदी में नहाने के लिए गए. वहाँ पर पानी में एक सांप ने पहले दोस्त को काट लिया. पहले दोस्त ने चूंकि सांप को नही देखा था – इसलिए उसने दूसरे दोस्त से पूछा कि यार मुझे लग रहा है कि मुझे किसी चीज ने काट खाया है, पता नहीं क्या था ? दूसरे दोस्त ने सांप को काटते हुए देख लिया था, किन्तु फिर भी उसने अपने पहले दोस्त से झूठ बोल दिया कि अरे दोस्त ! कुछ नहीं, तुझे मेंढक ने काटा है और मैंने अपनी आंखों से देखा है. चूंकि मेंढक के काटने ने कुछ नहीं होता, इसलिए बात आई-गई हो गई.

कुछ टाइम बाद वही दोनों दोस्त फिर से उसी नदी में  स्नान करने के लिए गए. दूसरे दोस्त ने सोचा कि आज मैं इससे पहले वाली घटना का जिक्र करके देखता हूँ, देखें क्या होता है ? दूसरे दोस्त ने पूछा – क्या तुम्हें याद है जब पिछली बार हम इस नदी में नहाने आये थे, तब तुम्हें किसी चीज ने काट खाया था ? पहले दोस्त ने कहा- हाँ, मुझे अच्छे से याद है कि मुझे मेंढक ने काट खाया था और तुम्हीं ने तो मुझे ये बताया था. दूसरा दोस्त बोला- अरे नहीं, तुम्हें मेंढक ने नहीं, बल्कि सांप ने काटा था. इतना सुनना था कि पहले दोस्त का पूरा शरीर नीला पड़ गया और कुछ देर में ही उसकी मृत्यु हो गई.

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दोस्तों ! क्याआप बता सकते हैं कि ऐसा क्यों हुआ ? मैं बताती हूँ – ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जब दुसरे दोस्त ने पहली बार मेंढक के काटने की बात बताई तो पहले दोस्त के दिमाग से ये मैसेज बॉडी में गया कि मेंढक ने काटा है, इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है. लेकिन जब दूसरी बार दोस्त ने ये बताया कि मेंढक ने नहीं, बल्कि साँप ने काटा है, तो तुरंत सेकंड के सौंवे हिस्से में उसके माइंड से बॉडी में ये मैसेज गया कि चूंकि सांप ने काटा है और इसलिए बॉडी में जहर फैलेगा और अब मौत निश्चित है. इसलिए उसकी बॉडी में जहर फैल गया और उसकी मृत्यु हो गई.

दोस्तों ! अगर हम पॉजिटिव सोचेंगे तो हमारा माइंड (Mind) बॉडी (Body) में गज़ब की सकारात्मक प्रतिक्रिया (Positive reaction) देगा. वहीं दूसरी तरफ नेगेटिव सोचने पर भी हमारा माइंड बॉडी में जबरदस्त नकारात्मक प्रतिक्रिया (negative reaction) देगा. अब ये आपको ऊपर निर्भर (Depend) करता है कि आप क्या सोचना पसंद करते हैं ? ऊपर वाले examples को पढ़ कर आपको समझ में आ ही गया होगा कि हम जैसा सोचेंगे, हमारे साथ ठीक वैसा ही होगा (What we think, we will get). इसलिए आपको हमेशा बुरी से बुरी परिस्थिति में भी हमेशा पॉजिटिव ही सोचना है (Have positive attitude in worst condition). चीजों के प्रति पॉजिटिव दृष्टिकोण (Positive thoughts or positive attitude) रखने से हमारी लाइफ में भी हर चीज पॉजिटिव ही होगी. जिससे हमें हमारी लाइफ को एन्जॉय करने में बहुत हेल्प मिलेगी.

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तो दोस्तों ! ये थी आज की पोस्ट-सकारात्मक सोच से होते हैं जबरदस्त फायदे-Benefits of positive thinking. आज की ये पोस्ट आपको कैसी लगी, हमें अपनी राय या Suggestion जरुर बताइयेगा. और भी ऐसी Best Helpful Tips पाने के लिए आप हमें Subscribe जरुर कीजिये. 

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